बीजगणित (अलजेब्रा) के सूत्र
- (a+b)² = a²+2ab+b²
- (a-b)² = a²-2ab+b²
- (a-b)² = (a+b)²-4ab
- (a+b)² + (a-b)² = 2(a²+b²)
- (a+b)² – (a-b)² = 4ab(a+b)³ = a³+3a²b+3ab²+b³
- (a+b)² – (a-b)² = a³+b³+3ab(a+b)
- (a-b)³ = a³-3a²b+3ab²-b³
- (a-b)³ = a³+b³+3ab(a+b)
- (a+b)³ + (a-b)³ = 2(a³+3ab²)
- (a+b)³ + (a-b)³ = 2a(a²+3b²)
- (a+b)³ – (a-b)³ = 3a²b+2b³
- (a+b)³ – (a-b)³ = 2b(3a²+b²)
- a²-b² = (a-b)(a+b)
- a³+b³ = (a+b)(a²-ab+b²)
- a³-b³ = (a-b)(a²+ab+b²)
- a³-b³ = (a-b)³ + 3ab(a-b)
- (a+b+c)² = a²+b²+c²+2(ab+bc+ca)
- (a+b+c)³ = a³+b³+c³+3(a+b)(b+c)(c+a)
- a³+b³+c³ = (a+b+c)³ – 3(a+b)(b+c)(c+a)
- (a+b+c+d)² = a²+b²+c²+d²+2(ab+ac+ad+bc+bd+cd)
- a³+b³+c³-3abc = (a+b+c)(a²+b²+c²-ab-bc-ca)
- x²+y²+z²-xy-yz-zx = ½[(x-y)²+(y-z)²+(z+x)²]
- a³+b³+c³-3abc = ½(a+b+c) [(a-b)²+(b-c)²+(c-a)²]
- a²+b²+c²-ab-bc-ca = ½[(a-b)²+(b-c)²+(c-a)²]
- a(b-c)+b(c-a)+c(a-b)=0
- ab(a-b)+bc(b-c)+ca(c-a) = -(a-b)(b-c)(c-a)
- a²(b²-c²)-b²(c²-a²)+c²(a²-b²) = (a-b)(b-c)(c-a)
- a+b = (a³+b³)/(a²+ab+b²)
- a – b = (a³-b³)/(a²+ab+b²)
- a+b+c = (a³+b³+c³-3abc) / (a²+b²+c²-ab-bc-ca)
- (a+1/a)² = a²+1/a²+2
- (a²+1/a²) = (a+1/a)²-2
- (a-1/a)² = a²+1/a²-22
- (a²+1/a²) = (a-1/a)²+2
- (a³+1/a³) = (a+1/a)³-3(a+1/a)
प्रतिशत के सूत्र
- लाभ = विक्रय मूल्य – क्रय मूल्य
- हानि = क्रय मूल्य – विक्रय मूल्य
- लाभ % = लाभ क्रय मूल्य × 100
- हानि % = हानि क्रय मूल्य × 100
- विक्रय मूल्य = क्रय मूल्य + लाभ
- विक्रय मूल्य = क्रय मूल्य – हानि
- क्रय मूल्य = विक्रय मूल्य – लाभ
- क्रय मूल्य = विक्रय मूल्य + हानि
- लाभ = (लाभ%/( 100 + लाभ)) × विक्रय मूल्य
- हानि = (हानि%/(100-हानि)) × विक्रय मूल्य
क्षेत्रमिति (मेंसुरेशन) के सभी फार्मूला
- त्रिभुज का क्षेत्रफल – 1/2 × आधार × उचाई
- त्रिभुज का परिमाप – त्रिभुज के तीनों भुजाओं का योग।
- त्रिभुज का क्षेत्रफल – √s(s-a)(s-b)(s-c)
त्रिभुज के प्रकार एवं उनके क्षेत्रफल
समद्विबाहु त्रिभुज: वह त्रिभुज जिसकी दो भुजाएँ बराबर हो समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle) कहलाता है।समद्विबाहु त्रिभुज के सूत्र नीचे दिए गए हैं-
- समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल, A = a / 4 b √ (4b² – a²)
- समद्विबाहु त्रिभुज का शीर्षलम्ब = a / 4 b √ (4b² – a²)
- परिमाप, P = 2a + b
विषमबाहु त्रिभुज (स्केलीन ट्रायंगल)
विषमबाहु त्रिभुज एक ऐसा त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएं असमान लंबाई की होती हैं।
विषमबाहु त्रिभुज के सूत्र
- विषमबहु त्रिभुज का क्षेत्रफल, A =√ [ s(s – a)(s – b)(s – c) ]
- दुसरें रूप में, A = ½ × आधार × ऊँचाई
- अर्धपरिधि P = ½ ( a + b + c )
समकोण त्रिभुज (राइट एंगल ट्रायंगल)
वह त्रिभुज जिसके तीनों भुजाएं समान होती हैं और प्रत्येक कोण 60° का होता है।
समकोण त्रिभुज का सूत्र
- समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल, A = ½ × आधार × ऊँचाई
- समकोण समद्विबाहु त्रिभुज का परिमाप = (2 + √2) × भुजा
- समकोण समद्विबाहु त्रिभुज का कर्ण = (√2) × भुजा
- समकोण समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × भुजा2
समबाहु त्रिभुज (इक्विलैटरल ट्रायंगल)
समबाहु त्रिभुज बहुत त्रिभुज होता है जिसकी सभी भुजाएं बराबर होती है|
समबाहु त्रिभुज का सूत्र
- समबाहु त्रिभुजा का क्षेत्रफल = (√3)/4 × भुजा2
- समबाहु त्रिभुज का शीर्षलम्ब = (√3)/4 × भुजा
- परिमाप = 3 × भुजा
आयत : आयत वह चतुर्भुज होता है जिसकी आमने-सामने की भुजाएं समान हो तथा प्रत्येक कोण समकोण (90º) के साथ विकर्ण भी समान होते हैं।
- आयत का क्षेत्रफल – लम्बाई × चौड़ाई
- आयत का परिमाप – 2 × ( लम्बाई + चौड़ाई )
- आयत का विकर्ण- √( लंबाई 2+ चौडाई 2 )
वर्ग: उस चतुर्भुज को वर्ग कहते हैं, जिसकी सभी भुजाएं समान व प्रत्येक कोण समकोण(90°) है।
- वर्ग का क्षेत्रफल – भुजा × भुजा (a2)
- वर्ग का परिमाप – 4 × भुजा (4a)
- वर्ग का विकर्ण – भुजा × √2
- भुजा- √ क्षेत्रफल
- वर्ग का क्षेत्रफल – ½ × विकर्णों का गुणनफल
गोला (स्फीयर) का फार्मूला
- गोले का वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = 4πr2
- गोला का आयतन = 4/3 πr3
- गोलीय शेल का आयतन = 4/3 π ( R3 – r3 )
- गोलीय शेल के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 4/3 π(R2- r2 )
- घन ने सबसे बड़े गोले का आयतन = 1/6 a3
- घन में सबसे बड़े गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = πr 2
- गोले में सबसे बड़े घन की एक भुजा = 2R / √3
- अर्द्ध गोला के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = 2 πr2
- किसी अर्द्ध गोला के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 3 πr2
- अर्द्ध गोला का आयतन = 2/3 πr3
घन (क्यूब) का फार्मूला
- घन का आयतन = भुजा × भुजा × भुजा = a3
- घन का परिमाप = 4 a²
- पार्श्वपृष्ठ का एक किनारा = √ ( पार्श्वपृष्ठ का क्षेत्रफल / 4 )
- घन का एक किनारा = 3√आयतन
- घन का एक किनारा = √ (सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल / 6 )
- घन के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 6a²
- घन का विकर्ण = √3 × भुजा
घनाभ (क्युबॉइड) का फार्मूला
- घनाभ का आयतन = l × b × h
- घनाभ का परिमाप = 2(l + b) × h
- घनाभ के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)
- घनाभ का विकर्ण = √(l² + b² + h²)
- घनाभ की ऊँचाई = आयतन / ( लम्बाई × चौड़ाई )
- घनाभ की चौड़ाई = आयतन / ( लम्बाई × ऊँचाई )
- कमरें के चारों दीवारों का क्षेत्रफल = 2h ( l + b )
- ढक्कनरहित टंकी का क्षेत्रफल = 2h ( l + b ) + lb
- छत या फर्श का क्षेत्रफल = लम्बाई × चौड़ाई
बेलन (सिलिंडर) का फार्मूला
- बेलन का आयतन = πr2h
- बेलन की ऊँचाई = आयतन / πr2
- लम्बवृतीय बेलन की त्रिज्या = √ ( आयतन / πh)
- खोखले बेलन में लगी धातु का आयतन = πh (R2 – r2 )
- बेलन का वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = 2πrh
- बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2πr ( h + r )
- लम्बवृतीय बेलन की ऊँचाई = (बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल / 2πr) – r
- लम्बवृतीय बेलन का आधार का क्षेत्रफल = πr2
शंकु (कोन) का सूत्र
- शंकु का आयतन = 1/3 πr2h
- लम्बवृतीय शंकु की तिर्यक ऊँचाई = √ ( h2 + r2 )
- शंकु की ऊँचाई = √ (l2 – r2 )
- शंकु की आधार की त्रिज्या = √ (l2 – h2 )
- शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = πrl
- लम्बवृतीय शंकु के सम्पूर्ण पृष्ठ का क्षेत्रफल = πr ( l + r )
- शंकु का आधार का क्षेत्रफल = πr2
वृत्त (सर्किल) का फार्मूला
- वृत्त का क्षेत्रफल = πr²
- वृत्त का व्यास = 2r
- वृत्त की परिधि = 2πr
- वृत्त की परिधि = πd
- वृत्त की त्रिज्या = √व्रत का क्षेत्रफल/π
- वृताकार वलय का क्षेत्रफल = π (R2 – r2)
- अर्द्धवृत्त की परिधि = ( π r + 2 r )
- अर्द्धवृत्त का क्षेत्रफल = 1/2πr²
- त्रिज्याखण्ड एवं वृत्तखंड का फार्मूला
- त्रिज्याखण्ड का क्षेत्रफल = θ/360° × πr²
- चाप की लम्बाई = θ/360° × 2πr
- त्रिज्याखण्ड की परिमिति = 2r + πrθ/180°
- वृतखण्ड का क्षेत्रफल = (πθ/360° – 1/2 sinθ)r²
- वृतखण्ड की परिमिति = (L + πrθ)/180° , जहाँ L = जीवा की लम्बाई
सम चतुर्भुज (रोम्बस) फार्मूला
- ∠A + ∠B + ∠C + ∠D = 360°
- विषमकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × दोनों विकर्णों का गुणनफल
- समचतुर्भुज की परिमाप = 4 × एक भुजा
- समचतुर्भुज में => (AC)² + (BD)² = 4a²
चक्रीय चतुर्भुज (साइक्लिक क्वाड्रीलेटरल) का फार्मूला
- ∠A + ∠C = 180°
- ∠B + ∠D = 180°
- क्षेत्रफल = √[s(s-a) (s-b) (s – c) (s – c)]
- परिमाप, S = ½ ( a + b + c + d )
बहुभुज (पोलीगोन) का फार्मूला
- n भुजा वाले चतुर्भुज का अन्तः कोणों का योग = 2(n -2) × 90°
- समबहुभुज के प्रत्येक अंतः कोण = (n – 2) / 2 × 180°
- n भुजा वाले बहुभुज के बहिष्कोणों का योग = 360°
- बहुभुज के कुछ अंतः कोणों का योग = (n – 2) × 180°
- n भुजा वाले समबहुभुज का प्रत्येक अन्तः कोण = [2(n – 2) × 90°] / n
- बहुभुज की परिमिति = n × एक भुजा
- नियमित षट्भुज का क्षेत्रफल = 6 × ¼√3 (भुजा)²
- n भुजा वाले समबहुभुज का प्रत्येक भहिष्यकोण = 360°/n
- नियमित षट्भुज का क्षेत्रफल = 3√3×½ (भुजा)²
- सम षट्भुज की भुजा = परिवृत्त की त्रिज्या
- नियमित षट्भुज की परिमति = 6 × भुजा
- n भुजा वाले नियमित बहुभुज के विकर्णो की संख्या = n(n – 3)/2
समलम्ब चतुर्भुज (ट्रापेज़ोइड फार्मूला) का सूत्र
- समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल= ½ (समान्तर भुजाओं का योग x ऊंचाई)
= ½ (समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल)
= ½ (आधार x संगत ऊंचाई)
- परिमाप, P = a + b+ c + d
समचतुर्भुज : समचतुर्भुज एक ऐसी समतल आकृति होती है जिसकी चारों भुजाएं समान होती हैं।
सम चतुर्भुज (रोम्बस) फार्मूला
- ∠A + ∠B + ∠C + ∠D = 360°
- विषमकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × दोनों विकर्णों का गुणनफल
- समचतुर्भुज की परिमाप = 4 × एक भुजा
- समचतुर्भुज में => (AC)² + (BD)² = 4a²
चक्रीय चतुर्भुज (साइक्लिक क्वाड्रीलेटरल) का फार्मूला
- ∠A + ∠C = 180°
- ∠B + ∠D = 180°
- क्षेत्रफल = √[s(s-a) (s-b) (s – c) (s – c)]
- परिमाप, S = ½ ( a + b + c + d )

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