Skip to main content

आई आई टी की तैयारी कैसे करें

                 कैसे करे आईआईटी परीक्षा की तैयारी

                 HOW TO DO PREPARATION FOR                                IIT EXAMINATION

दोस्तों, भारत में इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्ति हेतु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)
सर्वश्रेष्ठ संस्थान माने गए हैं। इसमें प्रवेश प्राप्त करना  जितना ही सम्मानजनक माना जाता है उतना ही कठिन  भी होता है । आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त करने हेतु तैयारी करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण होता है | इसकी तैयारी हम तभी कर सकते है जब पूर्ण लगन, मेहनत और अच्छी रणनीति के साथ इस परीक्षा की तैयारी करते है |

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको  IIT के लिए तैयारी करने के लिए महत्वपूर्ण ध्यान देने योग्य बातों से अवगत कराने जा रहा हूँ | जिससे आपको  IIT की तैयारी हेतु मदद प्राप्त होगी | जिसके द्वारा आप  IIT में प्रवेश पाने में सफल होंगे |  IIT की तैयारी हेतु मुख्य बातें कुछ इस प्रकार है |

    
  IIT की तैयारी हेतु ध्यान देने योग्य बातें-

पाठ्यक्रम-

किसी भी परीक्षा की तैयारी हेतु उसका पाठ्यक्रम तैयार करना सबसे प्रमुख होता है | प्रत्येक विषय पर पूरी लगन और मेहनत के साथ उस पर फोकस करना महत्वपूर्ण होता है । भौतिकी, रसायन और गणित जैसे विषयों पर पूर्ण रूप से नियंत्रण तथा उनका अध्ययन मुख्य होता है। इन विषयों से संबंधित कुछ मुख्य टॉपिक इस प्रकार है-

भौतिकी-

तरल, तरंग एवं ध्वनि, विद्युतचुम्बकीय प्रेरण, संधारित्र एवं विद्युतस्थैतिकी, यांत्रिकी, प्रकाशिकी, तथा आधुनिक भौतिकी जैसे टॉपिक पर फोकस करके गणित की तैयारी करके परीक्षा हेतु सफलता प्राप्त कर सकते है |

सायन विज्ञान-

सह-संयोजकता, भौतिक रसायन में रासायनिक साम्य, विद्युत-रसायन, ऊष्मागतिकी, मत्रात्मक विश्लेषण (Quantitative Analysis), अकार्बनिक रसायन तथा कार्बनिक रसायन में रासायनिक आबन्धन आदि टॉपिक्स से परीक्षा में प्रश्न पूछें जाते है |

गणित-

मिश्र संख्याएँ, वृत्त, परवलय, अतिपरबलय, निर्देशांक ज्यामिति, प्रायिकता, सीमा, सदिश विश्लेषण, मैट्रिक्स, फलन, अवकलनीयता , निश्चित समाकल, अवकलज के अनुप्रयोग आदि टॉपिक्स की तयारी करके गणित विषय की अच्छी तैयारी की जा सकती है |


अच्छी रणनीति है जरूरी-

किसी भी परीक्षा को सफल बनाने के लिए उसके लिए सबसे मुख्य होती है रणनीति यदि आप अच्छी रणनीति के साथ तैयारी कर रहें है तो आप परीक्षा को अवश्य सफल बनाने में कामयाबी हासिल कर सकेंगे | हमारा पूरा प्रयास विषय वस्तु को एकाग्र होकर उसके अध्ययन करने में होना चाहिए | सम्पूर्ण  पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से समझना और उसका सही से अध्ययन करना,यह रणनीति अपनाकर परीक्षा को सफल बनाया जा सकता है |

कॉचिंग संसथान दें सकते है मदद-

यदि आप किसी कोचिंग संस्थान से कोचिंग ले रहें हो तो आपके लिए फायदेमंद होगा | आप कोचिंग संसथान में क्लास करने साथ कोचिंग संस्थान के छात्रों के सम्पर्क में भी बने रहें और उनसे अपने सम्बन्धित विषयों पर चर्चा करके अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करें |

गति अभ्यास करें-

समुचित मार्गदर्शन लेना भी बहुत महत्वपूर्ण होता है । जिसके लिए आप किसी पथ प्रदर्शक , परिवार के सदस्य या अपने अध्यापकगण से इस विषय में वार्तालाप कर सकते है। तेज गति से पुराने प्रश्न पत्रों को हल करने का निरंतर अभ्यास करते रहे। जेईई पूर्ण रूप से कांसेप्ट पर आधारित है। इसलिए सभी आवश्यक टॉपिक्स के आपके सभी कांसेप्ट क्लियर होने चाहिए।

प्रश्नों को हल करते समय गति को भी भी बढ़ने का लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। गति को सिर्फ लम्बे समय और लगातार मेहनत करके ही प्राप्त किया जा सकता है। किन्तु गति बढाते समय शुद्धता (accuracy) से समझौता कोई समझौता करना आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है | इसलिए गति के समय अशुद्धियों से बचने का पूर्ण प्रयास करें |

समय प्रबंधन है अहम-

किसी भी परीक्षा हेतु समय प्रबंधन की परीक्षा हाल में अहम भूमिका होती है | यदि परीक्षा हाल में आपका समय प्रबंधन अच्छा न हो तो आपकी परीक्षा हेतु घातक सिद्ध हो सकता है | इसलिए समय प्रबंधन को भी ध्यान में रखना बहुत जरूरी होता है | परीक्षा-हाल में आपकी मानसिक क्षमता और दक्षता ही परीक्षा को सफल बनाने में मदद देती है। परीक्षा केन्द्र पर पन्द्रह मिनट पहले पहुँचना भी परीक्षा की दृष्टि से लाभकारी होगा।

दोस्तों, उपरोक्त दी गई जानकारी के माध्यम से अब आपको IIT के लिए तैयारी करने में जरूर मदद प्राप्त होगी , और इस तरह परीक्षा को सफल बनाया जा सकता है | यदि अभी भी आपके मन में कोई प्रश्न या विचार आ रहा है तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से साझा भी कर सकते है | आपके द्वारा की गई प्रतिक्रिया का हमें इंतजार है |

Comments

Popular posts from this blog

गंगा विलास क्रूज का जाने खाशियत। आखिर क्यों है इतना चर्चा में दुनिया का सबसे बड़ा क्रूज

  दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज गंगा विलास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वर्चुअली हरी झंडी दिखाई। यह भव्य और दिव्य रिवर क्रूज स्विट्जरलैंड के 32 पर्यटकों के साथ वाराणसी से बांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ तक करीब 3200 किलोमीटर की यात्रा 51 दिनों में पूरी करेगा। यात्रा में 27 नदियों के साथ 50 पर्यटक स्थल जुड़ेंगे। क्रूज की जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे विहंगम हैं और इसकी भव्यता का नजारा पेश करती हैं।  इसके फर्नीचर, क्रॉकरी, कमरों के रंग व डिजाइन में 1960 के बाद के भारत की झलक दिखेगी। गंगा विलास क्रूज आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण है। क्रूज का इंटीरियर देश की संस्कृति और धरोहर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इंटीरियर में सफेद, गुलाबी, लाल और हल्के रंगों का इस्तेमाल किया गया है। वुडेन फ्लोरिंग और रंगों का बेहतर समन्वय पर्यटकों को सबसे अधिक पसंद आ रहा है। गंगा विलास क्रूज की आधिकारिक जलयात्रा सितंबर से शुरू हो सकती है, फिर भी क्रूज की बुकिंग अगले दो वर्षों के लिए फुल हो गई।  गंगा क्रूज के डायरेक्टर राज सिंह ने बताया कि यह क्रूज पूरी तरह से भारत ...

The last lession summary

The Last Lesson Summary Class 12th | Flamingo Brief Introduction ’The last lesson’ written by Alphonse Daudet narrates about the year 1870 when the Prussian forces under Bismarck attacked and captured France. The French districts of Alsace and Lorraine went into Prussian hands. The new Prussian rulers discontinued the teaching of French in the schools of these two districts The French teachers were asked to leave. Now M. Hamel could no longer stay in his school. Still he gave lesson to his students with utmost devotion and sincerity as ever. One such student of M. Hamel, Franz who dreaded French class and M. Hamel’s iron rod, came to the school that day thinking he would be punished as he had not learnt his lesson on participles. But on reaching school he found Hamel dressed in his fine Sunday clothes and the old people of the village sitting quietly on the back benches. It was due to an order from Berlin. That was the first day when he realized for the first time that how im...

मेरा पानी मेरी विरासत योजना, mera pani meri virasat yojna

💁‍♀ ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना 🔰 📌 चर्चा में क्यों? 💁‍♀ हरियाणा के किसानों द्वारा राज्य सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ (Mera Pani Meri Virasat) योजना के विरुद्ध ‘ट्रैक्टर मार्च’ निकाला गया। किसानों द्वारा इस विरोध प्रदर्शन को 'किसान बचाओ-खेती बचाओ' (Kisan Bachao-Kheti Bachao) अभियान नाम दिया गया है। 📌 ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना हरियाणा राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण के उद्देश्य से ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ (Mera Pani Meri Virasat) योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार पानी की अधिक खपत वाले धान के स्थान पर ऐसी फसलों को प्रोत्साहित करेगी जिनके लिये कम पानी की आवश्यकता होती है। योजना के तहत, आगामी खरीफ सीजन के दौरान धान के अलावा अन्य वैकल्पिक फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रति एकड़ 7,000 रुपए भी दिये प्रदान किये जाएंगे। 📌 योजना में शामिल क्षेत्र: इस योजना में रतिया, सीवन, गुहला, पिपली, शाहाबाद, बाबैन, इस्माइलाबाद और सिरसा सहित आठ ब्लॉक शामिल हैं। ये आठ ब्लॉक धान समृद्ध क...